सरिता की जवानी लूटी विदिशा में

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प्रेषक : राजू …

हैल्लो दोस्तों, में राज साउथ उड़ीसा का रहने वाला हूँ और में दिखने में बिल्कुल ठीक-ठाक हूँ। मेरी उम्र 36 साल है और मेरा गोरा बदन और मेरे लंड की लम्बाई 5 इंच है। दोस्तों यह मेरी कामुकता डॉट कॉम पर पहली कहानी है। वैसे में भी पिछले कुछ सालों से आप लोगों की तरह इसकी बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़कर उनके मज़े ले चुका हूँ और मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगता है और आज में अपनी भी एक सच्ची कहानी लिखकर आप लोगों तक पहुंचा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि इसको पढ़कर आप सभी को बहुत मज़ा आएगा और बहुत अच्छा लगेगा। में इस घटना में एक लड़की से फोन पर बात करते करते बहुत आगे तक पहुंच गया और हम दोनों की बातें धीरे धीरे प्यार और उसके बाद सेक्स में बदल गई, में वो सब कुछ अब आप लोगों को पूरे विस्तार से बताने वाला और अब में सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों में चेटिंग और फोन पर बात करने में शुरू से ही बहुत रूचि रखता हूँ और ऐसे ही एक दिन में एक अंजान नंबर पर व्हाटसप पर चेटिंग कर रहा था, लेकिन मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चला कि वो लड़की भी यहीं की है? फिर क्या होना था? हम दोनों ने हमारी वो दोस्ती भरी चेटिंग करीब चार दिनों तक लगातार सुबह शाम जब भी हमे मौका मिलता तो हम दोनों अपने अपने काम में लगे रहते, लेकिन फिर हमारी उस चेटिंग में अचानक से एक नया मोड़ आ गया और हम दोनों अब तक एक दूसरे से कभी मिले नहीं थे, लेकिन अब हमारे बीच सेक्स चेटिंग चालू हो गई और ऐसे करते करते एक दिन हम दोनों ने एक दूसरे से मिलने का विचार किया।

दोस्तों में उस दिन बहुत खुश था, क्योंकि मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि वो लड़की इतनी जल्दी मुझसे मिलना चाहेगी और फिर उसके कहने पर हम दोनों ने रविवार के दिन मिलने का विचार बनाया। फिर मैंने बहुत खुश होते हुए अपनी कार बाहर निकाली और अब में उससे मिलने निकल पड़ा। हम दोनों को बोरिगुमा के बीच में एक हाईवे पर मिलना था और में उसकी बताई हुई जगह पर पहुंच गया। उसके बाद में रोड पर खड़ा होकर उसका इंतजार कर रहा था। तभी कुछ देर इंतजार करने के बाद एक बस मेरे सामने आकर रुकी। उस बस से एक लाल रंग की सलवार और काले कलर के सूट में एक बहुत मस्त सेक्सी बला उतरी, जिसको देखकर में तो एकदम चकित हो गया, क्योंकि उसका इतना गठीला बदन, गोरा रंग, गोल चेहरा, बड़ी आखें, मानो वो कोई बंगाली फिल्म की सेक्सी हीरोइन हो, लेकिन वो तो एक उड़िया लड़की थी और सीधे बस से उतरकर वो मेरी कार की आगे वाली सीट पर जाकर बैठ गई। मेरी तो उससे आगे होकर बात करने की भी हिम्मत नहीं हो रही थी और में तो बिल्कुल चकित होकर उसके बड़े आकार के बूब्स जो बाहर आने को बेकरार थे, उन्हें घूर घूरकर देख रहा था और फिर उसने मुझसे कहा कि बस मुझे घूरकर देखते ही रहोगे या अब इस कार को भी चलाओगे? फिर मैंने अपनी कार को आगे बड़ाई और उसके कहने पर हम कुछ दूरी चलने के बाद पास ही के एक गाँव में हम रुके। फिर उसने कार से उतरकर थोड़ा सा चलने के बाद एक घर का ताला खोला और में भी उसके पीछे पीछे चलता गया और फिर उसने मुझसे कहा कि यह घर भी हमारा ही है, लेकिन अब यहाँ पर कोई नहीं रहता, सब लोग शहर में रहने चले गए है। अब में भी उसके पीछे पीछे उस घर के अंदर चला गया और मेरे अंदर जाते ही सरिता ने दरवाज़ा तुरंत अंदर से बंद कर दिया और जब वो मेरी तरफ मुड़ी तब तक मेरी पेंट में मेरा लंड तंबू बन चुका था, वो लगातार मुझे और मेरे तंबू को देख रही थी। फिर मैंने भी उस अच्छे मौके को नहीं छोड़ा और झट से उसे पकड़कर हग कर लिया और हग करते ही मैंने उसके होंठो को अपने होंठो के साथ क़ैद कर लिया। मेरा एक हाथ अब उसकी गोरी पतली कमर पर था और दूसरा हाथ उसकी छाती पर घूम रहा था और सरिता भी मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी और अब हम दोनों एक दूसरे की जीभ से खेल रहे थे। करीब 15 मिनट तक हम ऐसे ही एक दूसरे को किस करते रहे, लेकिन फिर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसको अपनी गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया और मैंने देखा कि उसके चेहरे पर ख़ुशी भरी मुस्कान लहरा रही थी। अब मैंने अपनी शर्ट उतारी और उससे लिपट गया। हम एक दूसरे को पागलों की तरह चूम रहे थे और अब में धीरे धीरे उसका काला सूट ऊपर करके उसकी कमर और नाभि को चूम रहा था। तभी मेरा एक हाथ उसकी चूत को कपड़ो के ऊपर से सहला रहा था। तब मैंने महसूस किया कि उसकी चूत बहुत गरम और थोड़ी उभरी हुई थी। मेरे सहलाने की वजह से सरिता भी जोश में आकर अब और भी गरम होकर धीरे धीरे मोन कर रही थी और वो मुझसे बोले जा रही थी हाँ और चूमो उफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से चाटो मुझे मेरी जान अब जल्दी से चोद दो मुझे अह्ह्ह्ह। दोस्तों सरिता भी अब मेरे लंड को पेंट के ऊपर से दबा सहला रही थी और फिर मैंने सरिता को उस सूट की क़ैद से आज़ाद किया, अब वो मेरे सामने सिर्फ़ काले कलर की ब्रा में थी, उसकी वो ब्रा 36 इंच की थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने अब ज्यादा देर नहीं की और तुरंत उसके बूब्स को भी उसकी ब्रा से आज़ाद कर दिया। उसके गोरे गोरे बूब्स और उसके उठे हुए निप्पल मुझे अब पूरी तरह से मदहोश कर गए और में उसके बूब्स को स्मूच करता रहा और उसके दोनों निप्पल को एक एक करके बारी बारी से चूस चूसकर हल्के से काटकर मैंने उन्हें लाल कर दिए थे। अब सरिता से रहा नहीं गया और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज तुम अब मुझे जल्दी से जानवरों की तरह चोद दो, मेरी आग को बुझा दो, कर दो मुझे शांत प्लीज थोड़ा जल्दी करो। फिर मैंने उसके कहने पर अपनी जीन्स को उतार दिया और अंडरवियर को भी, जिसकी वजह से अब मेरा तना हुआ 5 इंच का लंड उसके सामने था, जिसको देखकर वो बहुत खुश हुई और उसने तुरंत उसे सीधे अपने मुहं में ले लिया और अब सरिता मेरे लंड को पागलों की तहर चूस रही थी, मानो वो सदियो से लंड लेने के लिए बेताब हो। उसने करीब दस मिनट में चूस चूसकर मेरी हालत एकदम खराब कर दी। फिर मैंने उससे कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ, लेकिन फिर भी उसने मेरे लंड को चूसना बंद नहीं किया और उसने मुझसे इशारे से कहा कि ठीक है। तभी मैंने अपना पूरा रस उसके मुहं में छोड़ दिया और सरिता ने भी बड़े प्यार से चाट चाटकर मेरा लंड साफ कर दिया। उसके बाद सरिता फिर से मुझे किस करती रही। अब मैंने सरिता की सलवार और पेंटी दोनों को उतार फेंका। उसकी चूत अब तक पूरी गीली हो चुकी थी और मैंने देखा कि उसकी चूत हल्के से बालों से भरी हुई थी। मैंने ज्यादा समय बर्बाद नहीं करके में अब उसकी प्यासी चूत को चाटने लगा, मुझे उसकी चूत से एक मदहोश कर देने वाली खुशबू आ रही थी।

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फिर में अपनी जीभ को उसकी चूत में पूरा अंदर तक डालने लगा, सरिता भी अपनी कमर को उठा उठाकर मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी। करीब दस मिनट के बाद अचानक सरिता मेरे सर को ज़ोर से जकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी तो में तुरंत समझ गया कि वो अब झड़ने वाली थी और तभी वो झड़ गई, जिसकी वजह से उसका सारा रस मेरे मुहं में फैल गया। फिर हम दोनों कुछ देर बाद 69 पोज़िशन में आ गये और में अब उसकी चूत को चाट रहा था और वो मेरे लंड को चूस रही थी। फिर इस बीच मेरा लंड एक बार फिर से शिकार करने के लिए तैयार हो गया। अब में अपना लंड सरिता की चूत के ऊपर सहला रहा था और फिर उसने मुझसे कहा कि प्लीज धीरे से, मेरा ख्याल रखना और मैंने भी ठीक वैसा ही किया। मैंने पहले धीरे से लंड को सरिता की चूत में डाला, जिसकी वजह से मेरे लंड का टोपा ही उसकी चूत के अंदर गया था कि सरिता की आखों से आँसू टपक गए और वो उस दर्द से एकदम तड़पने लगी और बहुत ज़ोर से चीखने लगी। फिर मैंने अपने लंड को बाहर करके उसमें थोड़ा सा वेसलिन लगा लिया और में फिर से शुरू हो गया। इस बार लंड सरिता की चूत में बहुत आराम से फिसलता हुआ अंदर चला गया, उसको हल्का सा दर्द जरुर हुआ था, लेकिन वो ज्यादा नहीं चिल्लाई। अब मैंने ज्यादा देर ना करते हुए उसको धक्के मारने शुरू किए, वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी और मुझसे कहने लगी कि हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे आह्ह्ह्ह वाह मज़ा आ गया उफ्फ्फ्फ़ हाँ थोड़ा और अंदर तक डालो आईईईईई और अब सरिता भी अपनी चूतड़ को उठा उठाकर मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी, जिसकी वजह से उसकी चूत में मेरा पूरा लंड बहुत अंदर तक जाकर बाहर हुए जा रहा था और सरिता के मुहं से सिसकियों की लगातार आवाज़े आ रही थी, सरिता की जैसे जैसे आवाज़े बड़ रही थी, में उतनी ही ज़ोर से उसकी चूत में धक्के मार रहा था। सरिता वाह तुम बहुत अच्छी चुदाई करते हो उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह वाह मज़ा आ गया, में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, हाँ थोड़ा सा और अंदर घुसाओ आईईईई कहे जा रही थी।

दोस्तों उसकी चुदाई करते समय मैंने महसूस किया था कि उसकी चूत बहुत टाईट थी और लगता है कि उसने बहुत समय से अपनी चुदाई नहीं करवाई थी, इसलिए वो इतनी भूखी थी। करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद अब में झड़ने वाला था और फिर मैंने उससे कहा कि अब में झड़ने वाला हूँ। फिर सरिता मुझसे बोली कि तुम मेरी चूत के अंदर नहीं मेरे मुहं पर अपना वीर्य निकालो। फिर मैंने अपना लंड तुरंत उसकी चूत से बाहर निकालकर उसके मुहं में डाल दिया और अब में उसके मुहं को चोदने लगा और कुछ देर बाद में वहीं पर झड़ गया। दोस्तों उस दिन हमने रुक रुककर चार बार चुदाई के मज़े लिए और फिर सरिता मुझसे कहने लगी कि आज आपकी वजह से आज मुझे गर्व महसूस हुआ कि में एक औरत हूँ और मैंने इतना मज़ा मुझे आज तक कभी नहीं मिला, तुमने मुझसे इस तरह से चोदकर पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है और मेरी प्यासी चूत को आज बहुत दिनों के बाद शांति मिली है, जिसके लिए में कब से तरस रही थी, तुम्हारे साथ मुझे अपनी चुदाई करके बहुत मज़ा आ गया, तुमने मुझे बहुत मज़े दिए, तुम्हें चुदाई करने का पूरा अनुभव है, आज के बाद से तुम मुझे जब चाहो चोद सकते हो, क्योंकि में खुद भी तुमसे हर दिन चुदवाना चाहती हूँ। दोस्तों फिर उसके बाद हम दोनों वहां से निकल पड़े और मैंने उसके बताई हुई जगह पर उतार दिया और वो अपने घर पर और में अपने घर पर चला गया और घर पहुंचने के बाद भी मैंने उसके सेक्सी बदन को याद करके एक बार मुठ मारी और उसके बाद ना जाने कब में सो गया।

फिर अगले हफ्ते हम दोनों दोबारा उसी जगह पर मिले जहाँ पर हमारी पहली चुदाई और हमारा पहला मिलन हुआ था और फिर हमने एक ब्लू फिल्म देखकर उसमें जैसे जैसे चुदाई चल रही थी ठीक वैसे ही चुदाई करके सेक्स के पूरे पूरे मज़े लिए ।।

धन्यवाद …

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