दीदी ने सिखाई मस्तियाँ

0
Loading...

प्रेषक : सोना बाबू

हेल्लो दोस्तों ये मेरी पहली कहानी है। उम्मीद करता हूँ की आप सभी को पसंद आये मेरी सेक्सी दीदी की कहानी। घर मे मम्मी पापा और दीदी थी। दीदी 18 साल की थी। घर मे सबसे छोटा होने के कारण सब मुझे बहुत ही प्यार करते थे। दीदी मुझे बहुत ही प्यार करती थी। मुझे हर एक काम के बाद पप्पी दे दिया करती थी। बात बात पर मुझे अपने सीने से लगा लेती थी। बदले मे मुझे भी उसे पप्पी देनी पड़ती थी। दोस्तों अब मेरी उम्र 18 साल की हो गई है। और में एक स्टूडेंट हूँ अब मुझे वो दिन बहुत याद आते है। फिर भी हम कभी भी एक दूसरे को कोई भी शिकायत का मौका नही देते और आज भी सेक्स करते है। अभी कुछ समय पहले जब में सेक्स कर रहा था तब दीदी ने मेरा लंड मुहं में लिया और बहुत मजे से चूसने लगी फिर मैने दीदी की 10 मिनट तक चुदाई की दीदी की चुदाई करने में बहुत मजा आता है। दीदी की शादी हो चुकी है फिर भी उनकी चूत बहुत टाईट है चुदाई के बाद दीदी ने कहा की तुम्हे वो बात याद है जब तुम्हारे लंड पर चोट लगी थी।

मुझे वो याद आया कि मैं और दीदी दोनो साथ साथ पढ़ने जाते थे। मैं उसकी स्कूटी पर बैठ कर जाता था वो एक दिन हम स्कूल से वापस आ रहे थे। दीदी स्कूटी चला रही थी और मैं पीछे बैठा था। मैं पीछे से दीदी को पकड़ कर बैठा था और वो स्कूटी चला रही थी। बरसात का मौसम था बारिश शुरू हो गयी मैने दीदी से कहा की रुक जाते हैं। जब तक की बारिश बंद नही होती है।

वो बोली नही बारिश मे भीगते हुए चलेंगे। बारिश जोर से होने लगी थी  दोपहर मे भी बारिश के कारण कोई सड़क पर बाइक नहीं चला रहा था। लेकिन कार वाले आ जा रहे थे। मुझे बहुत डर लगने लगा था। तो दीदी बोली की मुझे कस कर पकडो मैंने उसे पीछे से कस कर पकड़ लिया था। उसके पेट पर अपने हाथ लपेट दिए  मैं दीदी के पीछे एक दम चिपक कर बैठ गया था। दीदी पूरी तरह से भींग गई थी। वो बोली क्या ऐसे धीमे से क्यो पकड़े हो गिर जाओगे थोड़ा उपर से टाइट से पकडो।

मैने थोड़ा और उपर से पकड़ा तो दीदी के बूब्स मे हाथ टच होने लगे। दीदी खाली सड़क पर स्कूटी को दाएँ बाएँ कर के चला रही थी। मुझे बहुत ही दर लग रहा था। मैने दीदी को ज़ोर से पकड़ रखा था। दीदी फिर बोली की ठीक से पकडो नही तो गिर जाओगे  और उपर पकडो  मैं नही पकड़ रहा था। तो उसने खुद ही अपने हाथ से मेरा हाथ पकड़ कर अपने बूब्स के उपर रख कर बोली अब ज़ोर से पकड़ कर बैठो  मैने ज़ोर से पकड़ के बैठ गया।

दीदी और तेज़ से स्कूटी चलाने लगी  डर के मारे मैं और ज़ोर से पकड़ कर बैठा था। दीदी के बूब्स बहुत बड़े थे मेरे हाथ मे नही आ रहे थे। बहुत ही गोल और मुलायम थे। जब वो तेज़ी से स्कूटी को दाएँ तरफ झुकाती थी तो मेरे से बाए तरफ वाला बूब्स ज़ोर से डब जाता था। जब वो बाए तरफ झुकती थी। तो मेरे से दाएँ तरफ वाला बूब्स ज़ोर से डब जाता था। तभी मुझे लगा की मुझे पेशाब लग रहा है। मेरा मुन्ना टाइट हो गया था।

घर मे सभी लोग मेरे लॅंड को  मुन्ना का मुन्ना कहते थे। पर मेरे दोस्तो ने बताया था की इसे लंड कहते हैं। मैने दीदी को बोला की दीदी मुझे पेशाब करना है। स्कूटी रोको पर उसने रोका नही

मैं थोड़ी देर बर्दाश्त करता रहा  फिर ज़ोर से चिल्लाने लगा की गाड़ी रोको  तब तक हम लोग घर के पास आ गये थे। बीच मे एक बहुत बड़ा सा क्रिकेट मैदान था।  उसके आस पास कोई घर नही था। बारिश की वजह से मैदान बिल्कुल खाली था। मैने दीदी से कहा अब तो रोक दो। मुझे पेशाब करना है दीदी ने स्कूटी रोक दी और मेरे गालो पर किस कर के बोली जल्दी से कर के आ हमे घर जाना है। मैं सू सू करने चला गया करके आ भी गया।  बारिश बंद होने का नाम ही नही ले रही थी। मैं दीदी के पास आकर बोला दीदी मेरी चैन बंद नही हो रही है। दीदी बोली ला मैं बंद कर देती हूँ। और वो चैन बंद करने लगी वो चैन बंद कर रही थी की मेरा मुन्ना चैन मे फंस गया और मैं ज़ोर से चिल्लाने लगा। दीदी तो डर गयी। फिर उसने धीरे से चैन नीचे किया और मेरे मुन्ना को छुड़ाया चैन मे फंसने की वजह से वह लाल हो गया था।

मुझे बहुत दर्द भी हो रहा था। दीदी ने मेरे मुन्ना को मुहं मे ले लिया और धीरे धीरे चूसने लगी। मैने कहा ये क्या कर रही हो तो वो बोली की जब उंगली मे चोट लगती है तो उसे मुहं मे डालते हैं। जिससे दर्द कम हो जाता है वही कर रही हूँ। तुम्हारा दर्द कम हो जाएगा और सही मे दर्द थोड़ा सा कम हो गया था। फिर दीदी ने मेरे लॅंड को आराम से पैंट मे अंदर किया और आराम से चैन बंद कर दिया। उसने मेरी तरफ देखा मेरी आँखो मे आँसू आ गये थे। उसने कहा रो मत मैं तुझे एक झप्पी देती हूँ। ठीक हो जाएगा फिर उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया ज़ोर से  मेरा चेहरा उसके दोनो बूब्स के बीच मे फंस गया था। उसका बूब्स बहुत ही मुलायम था  उसने मेरे सर को और ज़ोर से अपने बूब्स से दबा लिया। फिर मुझसे बोली कुछ ठीक हुआ  मैने कहा  नही दीदी अभी भी दर्द कर रहा है।

इस पर वो बोली कुछ और करती हूँ और उसने मेरे लिप्स पर क़िस किया  जब वो किस कर रही थी। तो मेरा मुन्ना टाइट होने लगा और उसमे और भी दर्द होने लगा मैने कहा ऐसा मत करो और दर्द हो रहा है। तो उसने छोड़ दिय फिर हम स्कूटी पर बैठ कर घर आ गये।

घर पहुँचने पर देखा की मेरी बुआ आई थी। बुआ की शादी हो गई थी  मैने उनको प्रणाम किया तो उन्होने मेरा गाल चूम लिया मैने भी उनका गाल चूम लिया। वो हँसते हुए बोली अभी भी वैसा ही शैतान है तू। उनका एक साल का बेबी था। मैं उसे गोद मे उठाने लगा तो मम्मी ने डाट दिया की पहले जाओ गीले कपड़े बदल के आओ नही तो तुम भी बीमार पड़ोगे और बेबी को गीला कर दिया तो वो भी बीमार हो जाएगा मैं अपने कमरे मे चला गया। मेरा और दीदी का एक ही कमरा था। मैं जैसे ही कमरे मे घुसा तो देखा की दीदी कपड़े बदल रही थी वो मुझे देख के चिल्लाई अबे क्या कर रहा है। देख नही रहा की मैं कपड़े बदल रही हूँ। जल्दी से दरवाजा बंद कर दे मैंने अंदर जाकर दरवाजा बंद कर दिया और बोला मुझे क्या पता तुम दरवाजा नही बंद कर सकती थी क्या उसने घाघरा पहन रखा था और ब्रा पहन रही थी।

Loading...

वो अपनी कमर पर हाथ रख कर बोली ज़्यादा शाना बनेगा तो अभी कान के नीचे दो लगाउंगी। मैने देखा की उसकी ब्रा मे से भी उसके बूब्स बहुत बड़े बड़े दिख रहे थे। मुझे अपने बूब्स की तरफ देखता हुआ देख कर वो बोली ऐसे क्या घूर रहा है चल जल्दी से कपड़े उतार नही तो बीमार पड़ जायेगा कहते हुए वो मेरे पास आई और मेरी शर्ट खोलने लगी। शर्ट खोलने के बाद मेरी पैंट भी खोल दी। अब मैं नंगा उनके सामने खड़ा था। उसने मेरा लॅंड देखा तो वो चैन मे दबने की वजह से लाल हो गया था। उसने उसे छुआ तो मुझे हल्का सा दर्द हुआ।

मेरे मुहं से आ निकल गयी उसमे मुझे गोद मे उठा कर बेड पर खड़ा कर दिया। अब उसका चेहरा मेरे लॅंड के सामने आ गया। उसने मेरा लॅंड हाथो मे लेकर पूछा क्या अभी भी दर्द कर रहा है। मैने कहा हाँ पर हल्का हल्का सिर्फ़ छूने पर उसने कहा मुझे माफ़ करदो मेरी ग़लती से तुमको दिक्कत हो रही है और वो रोने लगी और मुझसे लिपट गयी  उसका गाल मेरे लॅंड से टच हो रहा था। मेरा लॅंड अकड़ने लगा तो उसमे फिर से दर्द होने लगा था। उसको अपने गालो पर मेरा लॅंड का अकड़ने का अहसास हुआ तो उसने गाल उठाया और बोली इसे मैं फिर से मुहं मे लेकर सहला देती हूँ ठीक हो जाएगा।

फिर वह मेरा लॅंड अपने मुहं मे लेकर चूसने लगी  मुझे ऐसा लग रहा था की मेरा लॅंड जैसे लोलीपोप हो  मैने उससे कहा की ऐसे क्यो चूस कर रही हो जैसे ये लोलीपोप हो  तो वो बोली ये लोली पोप ही होता है। लड़कियो के लिये  मैने पूछा तो लड़को के लिए क्या लोलीपोप होता है।

वो चूसना छोड़ कर खड़ी हो गई  और अपने बूब्स को दिखाते हुए बोली की ये होता है। मैने कहा की मुझे भी लोलीपोप चुसाओ  तो वो वहां से हट गयी और टॉप पहन के बाहर चली गयी। मैने आलमरी से पैंट निकाली और पहन के बाहर आ गया। देखा की दीदी मम्मी से कुछ कह रही थी।  मम्मी मेरी तरफ ही देख रही थी।

मम्मी मेरे पास आई और बोली की दिखाओ किधर चैन लगी है। मैने मना किया तो उसने एक थप्पड़ खीँच दिया बोली जवान होना तब शरमाना, ये सुन कर दीदी और बुआ दोनो हंसने लगी। फिर मम्मी ने झटके से मेरा पैंट खोल दिया। फिर मलहम लेकर आई और मेरे लॅंड पर लगा दिया मलहम लगाने से लॅंड मे हो रही जलन थोड़ी कम हुई।

मम्मी बोली अभी जाकर के डॉक्टर के पास से दवाई लेकर आती हूँ। तभी बुआ बोली की मैं भी चलती हूँ। मुझे भी कुछ सामान खरीदना है। बुआ का बेबी सो रहा था बुआ उसे सोता छोड़ के मम्मी के साथ चली गयी क्योंकि बाहर अभी भी बारिश हो रही थी।

मम्मी के जाने के बाद दीदी बोली  मुझसे शरमाता नही तो मम्मी के सामने क्यो शरमा रहा था। मैने कहा- तो क्या तुम मेरे सामने शरमाती हो?  मैने पास ही रखा तकिया उठा कर दीदी को मार दिया वो उसके बूब्स पर जा लगा वो चिल्लाई की तुमने जान बुझ कर मार दिया वहां  मै मना करता रहा की नही मैने जान करके नही मारा तो वो मान नही रही थी। मैं गुस्से मे अपने रूम मे चला गया। और कुर्सी पर बैठ कर पड़ाई करने का नाटक करने लगा।

दीदी भी पीछे से आई और उसने पीछे से ही मुझे बाँहो मे पकड़ लिया और ऊपर से मेरे उपर झुक कर मेरे लिप्स पर किस किया मैने गुस्से मे बोला मत करो ऐसा मुझे दर्द होता है। वो मेरी पैंट पर हाथ रख कर बोली क्या यहा दर्द होता है मैने कहा हाँ। वो बोली इसे तो मै ठीक कर दूँगी जैसे पहले किया था। और उसने मुझे अपनी गोद मे उठा लिया  और बेड पर लिटा दिया।

फिर आकर खुद भी मेरी बगल मे लेट गयी फिर उसने मेरी पैंट खोल दिया और मेरे लॅंड को धीरे धीरे सहलाने लगी मेरा लॅंड फिर से टाइट हो गया और उसमे हल्का हल्का दर्द होने लगा था। पर मैने उसे बताया नही क्योकी मुझे उसका ऐसा करना अच्छा लग रहा था। वो मेरा लॅंड सहलाती सहलाती मुझे किस भी करने लगी। पहले तो उसमे मेरे कानो को चूमा फिर मेरे गालो पर एक किस किया फिर उसने मेरे लिप्स पर एक लंबा सा किस किया की ना जाने मुझे क्या हुआ। मैने घूम कर उसे अपनी बाँहो मे जाकड़ लिया था। उसने मेरे लॅंड को सहलाना छोड़ कर मुझे अपनी बाँहो मे भर लिया था।

मेरा सर उसके बूब्स के बीच मे फंसा हुआ था। वो लंबी लंबी सांसे ले रही थी। उसने अपना टॉप उतार दिया मैने देखा उसके बूब्स बहुत ही बड़े थे। और उस पर गुलाबी कलर का एक स्पॉट था। मैने पूछा  दीदी ये क्या है? दीदी बोली ये निप्पल है और ये तो तुझे भी है। मैने कहा कहाँ पर मेरा वाला तो काला है। और तुम्हारा वाला गुलाबी है और ये फूला हुआ भी है मैने उस पर उंगली रखी तो वो हल्के हल्के दबने लगा था।

मैने उसके बूब्स को अपने हाथ मे लेना चाहा पर वो मेरे हाथ मे नही आया वो बहुत ही बड़ा था। में एक हाथ से उसके एक बूब्स को दबा रहा था। तो वो बोली क्या कर रहा है। दोनो को दबा ना।

मैं उठ कर बैठ गया और उसके पेट पर जाकर बैठ गया वो चिट लेटी हुई थी। में उसके दोनो बूब्स को अपने दोनों हाथो से दबाने लगा इधर मेरा लॅंड खड़ा हो गया था। दीदी ने मुझे थोडा पीछे होकर बैठने को कहा मैं पीछे हो गया और मेरा लॅंड दीदी की चूत मे टच करने लगा था। दीदी की चूत बहुत ही गहरी थी। उसने मेरा लॅंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद मे घुसा लिया।

Loading...

फिर मुझसे बोलो धीरे धीरे आगे पीछे करो पर मैने नहीं किया मैं तो दीदी के बूब्स से खेलने मे बिज़ी था। तभी दीदी ने आह भरी मुझे लगा की मैने उनका बूब्स ज़ोर से दबा दिया था। तो मैने उनका बूब्स दबाना छोड़ दिया।

दीदी अपनी आँख खोल कर बोली क्या हुआ रुक क्यों गया। अब इसे सिर्फ़ दबाता रहेगा या इसे पियेगा भी मैने दबाना छोड़ कर उसके एक बूब्स को पीना शुरु किया मैं झुक कर उसका बूब्स पी रहा था। उधर मेरा लॅंड उसकी चूत मे घुस गया था। दीदी मे अपने दोनो हाथो से मेरा सिर पकड़ कर अपने बूब्स मे ज़ोर से दबा लिया।

मैने अपना सिर उससे छुड़ाया और उसके लिप्स पर किस कर लिया अब उसने मेरा सर अपने दोनो हाथो से पकड़ कर मेरे लिप्स चूसने लगी थी। अब मेरे सारे शरीर मे अजीब सी अकड़न होने लगी थी। मेरा सारा शरीर ढीला हो गया था। मैने अपने आप को ढीला छोड़ दिया दीदी की साँसे भी तेज़ चल रही थी। तभी डोर बेल बजी शायद मम्मी और बुआ आ गयी थी। दीदी झट से उठ कर कपड़े पहनने लगी और वो डोर खोलने चली गई।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


handi saxy storyindian sex history hindihindhi saxy storyhindi sex story in voicesex story download in hindimonika ki chudaisex kahani hindi mbua ki ladkihindi sax storysexey storeysexi hindi estorihindi sex storyhindi sexi storiechodvani majasexstores hindihendi sexy storeyhindi sexy stores in hindihindi sexe storihindi storey sexyhinde sexi storenew hindi sex storysax hindi storeysexy story new in hindisexy stiry in hindihindi story for sexsaxy story audiosexe store hindehindi sexy stpryhinde sex estoresex hindi new kahanisexstores hindihindi sexy sortyhindi font sex kahanifree sexy stories hindisexi hindi kahani comhindi sexy story hindi sexy storywww sex storeysexi khaniya hindi mehindi sexy stroessexstorys in hindihindi sex kahani hindisex stores hindi comsexi kahani hindi mesaxy story audiosexy story com in hindisaxy hind storyhindi sex kahani hindi mehinde six storysex story in hindi downloadhindi sexy stories to readhendhi sexhondi sexy storyfree hindisex storieshindi sexy story in hindi fontsex sex story in hindihindi sex storaihindi sex kahani hindi fontsex story in hidihindi sex story hindi sex storyhindi saxy kahanisexy khaniya in hindibrother sister sex kahaniyasexy hindi story readwww sex kahaniyateacher ne chodna sikhayaall hindi sexy kahanihindi sexi stroysex store hendesexi kahania in hindiadults hindi storieshondi sexy storysex com hindisexy stoies in hindisexy new hindi storysexy story all hindikamuka storyhinde sxe storihindi sexi storeishinde sexi kahanihinde sax storyhindi sex story sexread hindi sex kahanimaa ke sath suhagratmami ke sath sex kahanihinde sxe storisexy khaniya in hindihindi sxe storysexi story audiodukandar se chudaimami ki chodihindi sex story downloadhendi sexy khaniyahindi sex storyhindi sexy storisehinde sex storesex kahani in hindi languagesexy kahania in hindistory in hindi for sexhinndi sexy story