चूत चटवाकर चटनी बनवाई

0
Loading...

प्रेषक : साक्षी ..

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम साक्षी है.. मेरी उम्र 26 साल है और में शादीशुदा हूँ। मेरे पति का नाम अजय है और वो एक प्राईवेट कम्पनी में प्रॉजेक्ट मैंनेजर है। में और मेरे पति अजय एकदम खुले विचारों के है और उन्हें मुझे बहुत ही सेक्सी ड्रेस में देखना और दिखाना बहुत पसंद करता है। हमारे शादी के तीन साल हो गये और हमारी सेक्स लाईफ बहुत ही अच्छी है। हम एक दिन में तीन, चार बार सेक्स करते है.. लेकिन में तो बताना ही भूल गयी थी कि मेरे फिगर का साईज 34-30-34 है और में हर टाईम बहुत ही सेक्सी कपड़े पहनती हूँ और मुझे अपना शरीर सभी लोगो को दिखाना बहुत अच्छा लगता है।

दोस्तों यह उस समय की बात है.. जब अजय कम्पनी के किसी जरूरी काम के सिलसिले में 40 दिन के लिए दुबई गये हुए थे और में उन दिनों घर पर बहुत ही अकेली हो गयी थी और में सेक्स के लिए बहुत तड़प रही थी.. मेरी चूत में जैसे आग सी लगी हुई थी। मुझे अब कैसे भी अपनी चूत की आग ठंडी करनी थी। तो रोज रात को अजय से मेरा नेट पर चेट होता था और हम दोनों नंगे पूरे होकर चेट करते थे.. लेकिन चेट करने से भी मुझे सन्तुष्टि नहीं थी और मेरी चूत दिनों दिन और बेकाबू होती जा रही थी। में सेक्स के लिए पूरी तरह से पागल हो चुकी थी और अपनी चूत में उगलियाँ करके चूत का सारा पानी निकालकर दिन गुजर रही थी।

फिर उस टाईम हमारे पड़ोस में एक फेमिली रहने के लिए आई.. उस फेमिली में पति, पत्नी और उनका एक 20 सक का लड़का था। फिर धीरे धीरे मुझे मालूम पड़ा कि उनका जो लड़का है उसका थोड़ा दिमाग़ ठीक नहीं है और उसका शरीर तो 20 साल का है.. लेकिन उसका दिमाग़ 10 साल के लड़के जैसा है और वो लोग इस बात से बहुत परेशान रहते थे। तो कुछ दिनों में मेरी उनसे बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी और वो जो औरत थी वो बहुत ही अच्छी थी। फिर में अपने रोज के पहनावे की तरह उसके सामने भी छोटे छोटे कपड़े पहनती थी और उनको कोई प्राब्लम नहीं थी। हमारी दोस्ती बहुत ही अच्छी हो गयी और फिर एक दिन अचानक ही वो औरत मेरे पास आई और मुझसे बोली कि उनको भी एक अच्छी नौकरी मिल गयी है और यह सब तुम्हारी वजह से हुआ है.. क्योंकि मैंने ही उस औरत को नौकरी करने की सलाह दी थी और फिर वो कहने लगी कि अब तुम्हे मेरा एक और काम करना पड़ेगा.. क्या तुम मेरे लड़के को सम्भाल सकती हो? तो मैंने थोड़ी देर सोचा और में भी राज़ी हो गयी।

तो एक हफ्ते के बाद उसने नौकरी पर जाना शुरू कर दिया और वो अपने पागल लड़के को मेरा पास देखभाल करने के लिए छोड़ गयी। एक दो दिन में मुझसे उस लड़के की दोस्ती होने लगी.. लेकिन वो वैसे बिल्कुल ही पागल था। में उसके सामने भी हर रोज की तरह सेक्सी कपड़े पहनती थी। तो एक दिन अचानक वो मुझे बोला कि आंटी आप मम्मी जैसी क्यों नहीं रहती? तो मैंने उससे पूछा कि तुम्हारी मम्मी कैसे रहती है क्या पहनती है?

विशाल : ( उसका नाम विशाल था ) मेरी मम्मी घर में हमेशा गाऊन पहनती है.. लेकिन आप तो बच्ची जैसी छोटी स्कर्ट पहनती हो।

में : हाँ में इसलिए यह सभी पहनती हूँ.. क्योंकि अभी गर्मी का टाईम है और मुझे बहुत गर्मी लगती है.. इसी वजह से में छोटी छोटी कपड़े पहनती हूँ.. क्यों तुम्हे यह सभी कपड़े अच्छे नहीं लगते?

विशाल : नहीं मुझे बहुत अच्छा लगता है और आप इन सभी कपड़ो में बहुत सुंदर लगती हो।

फिर ऐसे ही कुछ दिन बीत गये में देख रही थी कि वो मुझे बहुत घूरता था और में भी उसे उतना ही चाहने करने लगी थी। एक दिन उसकी मम्मी हर दिन की तरह उसको मेरे पास छोड़कर ऑफिस चली गयी तो वो रोने लगा। में उसके पास जाकर उसका सर अपने सीने पर लेकर सहलाने लगी और उससे पूछने लगी कि तुम क्यों रो रहे हो?

विशाल : मम्मी मुझे प्यार नहीं करती है.. वो सिर्फ़ पापा को प्यार करती है।

में : तुम ऐसा क्यों कह रहे हो?

विशाल : क्योंकि मैंने कल रात को देखा कि मम्मी, पापा को बहुत प्यार कर रही थी।

में : लेकिन वो कैसे?

विशाल : पापा ने मम्मी को बहुत देर तक चूम रही थी और उसके बाद मम्मी के सारे कपड़े उतार दिए और मम्मी ने पापा को अपना दूध पिलाया.. लेकिन सुबह जब मैंने मम्मी से कहा कि मुझे भी प्यार करो और मुझे भी अपना दूध पिलाओ तो उसने मुझे ज़ोर से थप्पड़ मारा और मुझे दूध भी नहीं पिलाया।

तो में समझ गयी कि वो अभी भी बिल्कुल बच्चा ही है और बिल्कुल पागल है और उसको दूध भी पीना है और में भी सेक्स के लिए बहुत तड़प रही थी और फिर मैंने भी सोच लिया कि उसको में अपनी जरूरत बनाऊंगी और सेक्स का मज़ा लूँगी।

में : कोई बात नहीं.. में तुम्हे बहुत प्यार करूंगी और दूध भी पिलाऊंगी।

तो मैंने उसको अपने सीने से लगा लिया और उसके बाल सहलाने लगी उसके मुहं मेरे बूब्स पर दब रहे थे। मुझे जोश चड़ रहा था और वो एकदम चुपचाप मेरे बूब्स के ऊपर सर रखकर लेटा था.. में उसको चूमने लगी तो उसने पूछा कि आंटी यह क्या कर रहे हो?

में : क्यों तुमको प्यार कर रही हूँ.. क्या तुम को अच्छा नहीं लगा?

विशाल : हाँ मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मुझे और प्यार करो।

तो में उसको और चूमने लगी और मैंने धीरे से उसके लंड को छू दिया.. उसका लंड बहुत बड़ा था।

विशाल : आंटी आज में नहाया नहीं हूँ.. क्या आप मुझे नहला दोगे?

फिर में भी यह मौका छोड़ना नहीं चाहती थी.. क्योंकि में भी यह चाहती थी कि और फिर मैंने बोला कि ठीक है चलो आज में तुम्हे नहलाती हूँ।

में : तुम बाथरूम में जाओ में चेंज करके आती हूँ।

तो वो बाथरूम में चली गई और मैंने अपनी ड्रेस उतार कर एक टावल लपेट लिया और बाथरूम में गयी। फिर जब में बाथरूम में घुसी तो देखी कि वो सिर्फ़ अंडरवियर में खड़ा था। मैंने उसको पानी से भिगोया और साबुन लगाकर मसलने लगी। तभी अचानक उसने मुझसे पूछा कि तुम टावल में क्यों हो?

में : अगर में तुम्हे कपड़े पहनकर नहलाऊँगी तो मेरे भी कपड़े गीली हो जाएगे।

विशाल : तो तुम भी मम्मी कि तरह ब्रा और पेंटी पहन लो।

में : क्या तुम्हारी माँ तुम को ब्रा और पेंटी पहन कर नहलाती है?

विशाल : हाँ और कभी कभी तो वो ब्रा भी नहीं पहनती।

Loading...

मुझे सेक्स चड़ने लगा और में बोली कि ठीक है.. तुम थोड़ा और रूको में दोबारा से चेंज करके आती हूँ। तो मेरी निप्पल टाईट होने लगी और मैंने बाहर आकर एक सफेद कलर की ब्रा और पेंटी पहन ली और फिर से बाथरूम में चली गयी। वो अब भी वैसे ही खड़ा था तो में उसको साबुन लगाने लगी और चिपकने लगी.. मेरा और उसका बदन एक दूसरे से घिसने लगे में पूरी गीली हो चुकी थी.. मेरी ब्रा और पेंटी पारदर्शी हो चुके थे। तभी उसने अचानक से अपनी अंडरवियर को उतार दिया और कहने लगा कि थोड़ा इसको भी साबुन लगा दो।

में : क्या मम्मी तुम्हारे साथ ऐसा भी करती है?

विशाल : हाँ मम्मी मेरे पूरे बदन को साबुन लगाकर अच्छे से साफ करती है।

तो में भी उसकी गांड और लंड में साबुन लगाकर रगड़ने लगी और फिर थोड़ी ही देर में उसका लंड खड़ा होने लगा।

में : तुम यह क्या हो रहा है?

विशाल : मालूम नहीं आंटी.. लेकिन ऐसा तो रोज होता है.. आप भी नहा लो फिर एक साथ बाहर जाएँगे।

तो में भी नहाने लगी और जितना सेक्सी पोज़ हो सकता है देने लगी और बोली कि तुम भी मुझे साबुन लगा दो। फिर उसने साबुन लिया और मेरे सारे बदन को लगाने लगा.. मेरे बूब्स के ऊपर, मेरी गांड में साबुन लगाया और बोला कि आंटी तुम्हारे दूध कितनी अच्छे है.. में तो इनको देखकर पागल हो रहा हूँ फिर उसने मेरे पेंटी के अंदर हाथ डाला और बोला कि आंटी तुम्हारे पास तो मेरे जैसा नहीं है।

में : नहीं बेटा.. लडकियों को वैसा नहीं होता.. विशाल अब तुम बाहर जाओ में अभी आती हूँ। तो वो बाहर चला गया और में नहाकर टावल लपेटकर बाहर आई और मैंने बेडरूम में आकर देखा तो वो अभी भी नंगा बैठा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे हैं।

विशाल : आंटी में क्या पहनूं? मेरी तो अंडरवियर पूरी गीली हो गई है।

में : कोई बात नहीं.. तुम ऐसे ही रहो.. में तुम्हे कुछ पहनने के लिए देती हूँ।

तो उसके बाद मैंने उसको मेरी एक मिनी स्कर्ट दी और बोली कि तुम इसको पहन लो। तो उसने वो मिनी स्कर्ट पहन ली और में भी चेंज करने लगी मैंने एक लाल कलर की ब्रा और पेंटी पहनी और ऊपर एक पारदर्शी गाऊन पहना वो गाऊन बहुत ही छोटा था और उससे सिर्फ मेरी गांड ढक रही थी.. तब तक मैंने मन बना लिया था कि कैसे भी मुझे उससे चुदवाना है। उसका लंड बहुत बड़ा था और मोटा भी था। फिर हम दोनों ने एक साथ लंच किया और बेड पर सोने के लिए गये। उसने मेरी स्कर्ट पहनी था और उसका लंड साफ साफ दिख रहा था। फिर मैंने अपना गाऊन उतार दिया और सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में बिस्तर पर लेट गयी और उसको बोली कि आओ आज में तुम्हे प्यार करती हूँ.. वो मेरे पास आ गया और में उसको बहुत चूमने लगी और उसका लंड सहलाने लगी।

विशाल : क्या आंटी मुझे दूध पिलाओगे?

में : क्यों नहीं बेटा आओ अभी पिलाती हूँ?

में कुछ करने से पहले ही उसने मेरी चूची को दबाया और ब्रा से बाहर कर दिया। फिर चूची से खेलने लगा। में पागल हो रही थी और मैंने अपनी ब्रा उतार दी.. अब में सिर्फ़ पेंटी मे थी.

फिर वो मेरे बूब्स को मुहं में लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा। में भी पागलों की तरह उसके लंड को ऊपर नीचे करने लगी। तो थोड़ी ही देर बाद वो झड़ गया और में पूरी गीली हो चुकी थी।

विशाल : आंटी यह क्या हो रहा है?

में : कुछ नहीं बेटा ज़्यादा प्यार करने से ऐसा ही होता है।

विशाल : ठीक है आंटी। फिर से वो मेरे बूब्स को चूसने लगा और दबाने लगा।

में : विशाल आओ में तुम्हे और प्यार करना सिखाती हूँ।

विशाल : ठीक है आंटी।

Loading...

फिर मैंने विशाल को पूरा नंगा कर दिया और अपनी भी पेंटी उतार दी।

विशाल : आंटी आप बिल्कुल मम्मी जैसी लग रही हो.. मम्मी भी ऐसे ही पापा को प्यार करती है।

में : हाँ में जानती हूँ.. अब से रोज हम दोनों ऐसे ही रहेंगे और बहुत प्यार करेंगे।

विशाल : ठीक है आंटी अब में क्या करूँ?

में : तुमने आज मेरा बहुत दूध पी लिया.. अब तुम अपना मुहं मेरी चूत में ले जाओ और चूत का रस पियो।

विशाल : ठीक है आंटी।

तो विशाल मेरी चूत चाटने लगा और में पागल हो रही थी मैंने एक बार पानी भी छोड़ दिया था।

में : आओ विशाल अब हम एक दूसरे को प्यार करें।

विशाल : आंटी वो कैसे?

में : तुम मेरी चूत का रस पियो और में तुम्हारे लंड का रस पीती हूँ।

विशाल : आंटी ठीक है।

हम दोनों 69 पोज़िशन में आ गये और एक दूसरे को बहुत चूसने लगे.. वो मेरी चूत में अपनी जीभ घुसा घुसाकर जोर जोर से चूसने लगा और कहने लगा कि आंटी आपके छेद से नमकीन नमकीन पानी निकल रहा है तो में कहने लगी कि विशाल चूसो और जोर से चूसो यह पानी तुम्हारे लिए ही है तो वो और जोर से चूसने लगा और अपनी ऊँगली चूत में डालकर उँगलियाँ चाटने लगा। फिर करीब आधे घंटे के बाद हम दोनों एक एक करके झड़ गये। उसको बहुत मज़ा आ रहा था और फिर मैंने भी उसका लंड करीब बीस मिनट तक चूसा और बहुत मजे किए और हम एक दूसरे को बाहों में लेकर नंगे ही सो गये.. लेकिन बीच में जब भी उसकी नींद खुली तो वो मेरे बूब्स को मुहं में लेकर चूसने लगा.. बिल्कुल एक छोटे बच्चे की तरह और इसके बाद से रोज सुबह उसके आते ही हम दोनों नंगे हो जाते थे और साथ में सेक्स गेम खेलते थे। एक दिन मैंने उसको बोला कि आज तुम मुझे वैसे ही प्यार करोगे जैसे तुम्हारे पापा तुम्हारी मम्मी को प्यार करते है।

विशाल : वो कैसे?

में : बताती हूँ

फिर मैंने उसके लंड को चूस चूसकर खड़ा कर दिया और बोली कि अब तुम इसको मेरी चूत के अंदर डाल दो और अंदर बाहर करो और वो इसको नया खेल समझ कर जोश के साथ तैयार हो गया और मुझे चोदने लगा। उसका लंड बहुत ज़्यादा बड़ा था और उसने मुझे करीब 25 मिनट तक चोदा और फिर झड़ गया। तो मुझे बहुत आनंद मिलने लगा था और में उससे अलग अलग पोज़ में चुदवाती रही और वो इसको प्यार का गेम समझकर खेलता रहा। तब से हम दोनों घर में हमेशा ही नंगे रहने लगे और मेरे पति आने तक हम लोग रोज 5-6 बार सेक्स करते रहे। अब वो मेरी जरूरत बन चुका था और उसको में जैसे चाहे इस्तमाल करती थी। हम हर जगह पर और अलग अलग तरीके से कभी रसोई में, कभी बाथरूम में, कभी सोफे पर, कभी बालकनी में भी सेक्स किया और यह करीब एक महीने तक चला। वो मेरे लिए इतना पागल था कि जब भी उसका लंड खड़ा होता था वो मुझे चोद देता था ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


sex hindi story downloaddukandar se chudaisexy srory in hindihindi sex storidshindi sex story downloadsex hind storehindi sexy stories to readhinde sexy kahanisexsi stori in hindihinde sex estorehindi sex story in hindi languagesex story hindi fontsex stories in audio in hindihindi sex kahinisexy hindy storiesnew sexi kahanihindi sax storyhindi sex khaniyahindi sexy kahani in hindi fonthind sexy khaniyasexy srory in hindihindi sexy storeyhindi sxe storyhindi sexy sotorisexi hinde storysexstores hindistory for sex hindihindi sex storisex hindi story downloadhindi sex story read in hindihindi sexe storisexi khaniya hindi mehinde six storysx storysreading sex story in hindibrother sister sex kahaniyateacher ne chodna sikhayakamuktha comhindi sexy khanihinde sexy storysexi hindi kathasexy srory in hindisex hindi story downloadkutta hindi sex storyindian sex stories in hindi fontswww new hindi sexy story comsex hind storesex khaniya hindihindi katha sexhindi chudai story comhendi sexy storeysaxy store in hindihindhi saxy storyhindi sexcy storiessexi hindi estoriwww hindi sexi storykamukta audio sexhindi sex story downloadsexi hindi kathasexi stroywww hindi sex kahaniall sex story hindihindi sex story sexgandi kahania in hindiread hindi sexsexy stroies in hindihindi sexy storuessax stori hindesex stories in audio in hindibhabhi ko nind ki goli dekar chodahindi sex story in hindi languagevidhwa maa ko chodahindi sex storaisax hinde storehindi saxy kahanisexi storeissex kahani in hindi languagesexcy story hindihinde sex storeall sex story hindisexy hindi font storiesall new sex stories in hindisex story in hindi languagehindi sexy storeykamuka storyhindi sexy istorisexstorys in hindihindi sex storidshindi sex kahinihidi sexi storysexistorikamuktahini sexy storysexy hindi story commami ne muth marihindi sex kathasex story hindi fontsexy story hinfihindi saxy storechudai kahaniya hindi