आलिया की ज़बरदस्त रंडियो वाली ठुकाई

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प्रेषक : अंशु …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अंशु (विजय) है और मेरी उम्र 22 साल और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम को पढ़ने वालों को अपनी एक सच्ची चुदाई की घटना और मेरा सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ जिसमें मैंने अपनी एक गर्लफ्रेंड को चोदा और उसके पूरे पूरे मज़े लिए। यह बात आज से एक साल पहले की है जब मेरी दोस्त आलिया नाम की एक बहुत सुंदर खुले विचारों वाली लड़की से हुई। उसका फिगर 32-30-32 था। आलिया और में एक ही क्लास में पढ़ते थे और वो मुझे बहुत अच्छी लगती थी। मेरा दिल उस पर आ चुका था और में उसको प्यार करने लगा था और इसलिए में उससे दोस्ती करना चाहता था और वैसे मुझे उसका हंसकर बातें करना, उसका वो व्यहवार, उसका सुंदर गोरा चेहरा सब कुछ बहुत अच्छा लगता था, लेकिन वो ज्यादा किसी से बात नहीं करती थी। दोस्तों मेरी अच्छी किस्मत से उसकी एक दोस्त जिसका नाम नताशा था, वो मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड थी और उसके ज़रिए ही मेरा आलिया से कभी कभी हाए हैल्लो थोड़ी बहुत बातचीत हो जाती थी, लेकिन फिर समय के साथ साथ धीरे धीरे हमारी दोस्ती भी बढ़ती गई और अब हम दोनों हमारा बहुत समय एक दूसरे के साथ में बिताने लगे थे। हमारे बीच हंसी मजाक अब कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगा था और अब हम दोनों रात रात भर देर रात तक चेटिंग करने लगे थे और फोन पर एक दूसरे से घंटो तक बातें करने लगे, लेकिन तब भी हमारा दिल नहीं भरा और अब हम एक दूसरे के साथ रहना चाहते थे। हमें अलग होना बहुत बुरा लगता था और हम हमेशा के लिए एक होना चाहते थे।

एक दिन दोस्तों मैंने सही मौका देखकर उससे अपने मन की बात को कह दिया और वैसे उसके मन में भी मेरे लिए वहीं सब चल रहा था, जिसको में उसकी आखों में पढ़कर समझ चुका था और फिर उसका मेरे लिए जवाब हाँ था जिसको सुनकर में बहुत खुश हो गया और मैंने ख़ुशी में झूमते हुए उसको अपनी बाहों में भर लिया। मैंने उसके एक गाल पर एक लंबा सा किस किया और उससे कहा कि में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और पिछले बहुत दिनों से तुमसे यह बात में कहना चाहता था। फिर उसने भी मुझसे कहा कि हाँ में भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और तुम भी मुझे बहुत अच्छे लगते हो मेरे मन में भी बहुत समय से बस यही सब चल रहा था। फिर हम साथ में बैठकर बहुत देर तक बातें करते रहे और हमारे विचार एक दूसरे से एकदम मिलने लगे, जो उस दिन मैंने उसको और उसने मुझे पहली बार खुलकर बताए। उसके बाद हम दोनों अपने अपने घर पर वापस आ गये और उसके बाद हम रोज़ रोज़ नाइट चेटिंग करने लगे थे और समय के साथ साथ वो हमारी चेटिंग अब धीरे धीरे सेक्स चेटिंग में बदलने लगी थी और अब हम दोनों ही एक साथ कामवासना की आग में जल रहे थे और अब हम सोच रहे थे कि हम दो सुलगते हुए बदन जल्दी से एक हो जाए और हम दोनों के जिस्म रूह एक हो जाए। हमें हमारे उस मिलन का अब बहुत इंतजार था। फिर एक दिन वो मुझसे कहती है कि अंशु बस अब मुझसे रहा नहीं जाता है अब तो प्लीज तुम कुछ करो और कब तक हम ऐसे पार्क में मिलेंगे? दोस्तों मैंने उसकी बात का कोई भी जवाब नहीं दिया, लेकिन में उसके कहने का मतलब पूरी तरह से समझ चुका था और अब वहीं पर हम दोनों एक कोने में एक दूसरे की बाहों में खो गये। में उसके गुलाबी रसीले होंठो को चूसना चाहता था और में उसके एकदम गोल सुडोल बूब्स को बस अब खा जाना चाहता था। फिर मैंने उसे अपनी गोद में बैठा लिया जिससे कि मेरा लंड उसकी गांड पर चुभे और फिर उसके होंठो को चूमने लगा और अपना एक हाथ उसके दूसरे बूब्स पर रखकर दूसरे बूब्स को दबा नोच रहा था। फिर उसके ऊपर वाले होंठ को मुहं में लेकर चूसने लगा था और उसके बाद नीचे वाले होंठ के साथ भी मैंने ठीक वैसा ही किया और अब मेरे हाथ लगातार अपना काम कर रहे थे, वो उसके बूब्स को मसलने लगे थे। उसके बूब्स को कुछ देर निचोड़ने के बाद मैंने उससे कहा कि आलिया चलो अब हम दूसरी तरफ़ चलते है और उसको इतना कहने के बाद में उसको पार्क के पीछे की तरफ जहाँ पर बहुत सारी ऊँची बड़ी बड़ी झाड़ियाँ थी वहां पर लेकर पहुंचा और मैंने उसको वहां पर ले जाकर लेटा दिया और में खुद नीचे उसके पास बैठकर उसके बूब्स का मज़ा लेने लगा। में उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों से दबा दबाकर मज़े ले रहा था। दोस्तों आलिया के बूब्स उस समय थोड़े छोटे आकार थे, लेकिन थे बहुत मज़ेदार और में दोनों बूब्स को सूट के ऊपर से मसल रहा था। फिर कुछ देर बाद उसके ऊपर थोड़ा सा झुककर मैंने उसके बूब्स के बीच में निप्पल पर अपना मुहं लगाकर मैंने बूब्स को अब चाटना चूसना शुरू किया, जिसकी वजह से आलिया एकदम सिहर गई और वो मुझसे बोली कि अंशु अब बस भी करो उफफ्फ्फ्फ़ मुझे कुछ हो रहा है और अब नहीं छोड़ दो आह्ह्हह्ह वरना कोई आ जाएगा।

अब भी में नहीं रुका और में आलिया के बूब्स को अपने दोनों हाथों से दबाने लगा और उसकी गर्दन पर अपनी जीभ को फिराने लगा, जिसकी वजह से आलिया अब जोश में आकर सिसकियाँ लेने गई थी। अब में और भी ज्यादा घुमा घुमाकर जीभ को फेरने लगा था। फिर थोड़ा नीचे आकर आलिया के बूब्स पर सूट के ऊपर से अपना मुहं रखा दिया और अपना मुहं रगड़ने लगा था। अब मुझ पर सेक्स का भूत सवार हो गया था इसलिए मैंने अब ना आव देखा ना ताव उसके कुर्ते को थोड़ा ऊपर किया ताकि बूब्स से कुर्ता हट जाए उफ़फ्फ़फ्फ्फ उस नीले रंग की ब्रा में आलिया के वो छोटे छोटे बूब्स क्या मस्त नजर आ रहे थे। में उनके बीच में अपना मुहं रखकर अपनी जीभ से उसकी उभरी हुई गोलाई को चाटने चूमने लगा था, जिसकी वजह से जोश में आकर आलिया के मुहं से वो आवाज़े निकलने लगी आहहहह उफफ्फ्फ्फ़ प्लीज अब बस करो आईईईइ मुझे ना जाने क्या हो रहा है। में अब उसके एक बूब्स के निप्पल को एक हाथ से दबा और निचोड़ रहा था और दूसरे को अपनी जीभ से चाट चूस भी रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब उसके ऊपर बस चढ़कर मेरा उसको चोदने का मन था इसलिए में उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी ब्रा को ऊपर कर दिया वाह उफ़फ्फ़ क्या मस्त थे उसके बूब्स। में तुरंत अपना मुहं लगाकर चूमने लगा और उन्हे चूम चूमकर गीला कर दिया और एक बूब्स को मुहं में भरकर चूसना शुरू किया और दूसरे से निप्पल को उंगली से गोल गोल सहलाने लगा। बूब्स के निप्पल को ऊपर की तरफ से मुहं से खींचने लगा उसके बाद में उसके दूसरे बूब्स को ज़ोर से मुठ्ठी में लेकर मसलने लगा और उसकी सलवार में हाथ डालकर उसकी चूत को उंगली से चोद रहा था और उसको रगड़ रहा था। अब में और आलिया एक हो जाना चाहते थे। में उसके बदन के एक एक हिस्से को चूम रहा था और में भी उसको अब खा जाना चाहता था। उसकी चूत बूब्स गांड पर अपने दांतो के निशान बना दिए जिसकी वजह से अब उसकी चूत पर लंड दस्तक दे रहा था जो सब कुछ खुले आसमान के नीचे हो रहा था। फिर इतने में किसी के आने की आहट सुनाई पड़ी और हमें जल्दी जल्दी खुद को ठीक करके अलग होना पड़ा। तभी कसम से मुझे बहुत गुस्सा आया, क्योंकि चुदाई का मूड बन चुका था और लंड भी बहुत गरम हो गया था। बस मन था कि आज चोद ही दूँ उधर आलिया भी बहुत गरम हो गयी थी। फिर भी हमें अधूरे मन से सब कुछ वैसा ही छोड़कर अलग होना पड़ा। अब हम दोनों अपने अपने घर पर चले गये और मुझे अपने घर पर आने के बाद उसके नाम की मुठ मारनी पड़ी। फिर कुछ दिन ऐसे ही निकलते चले गये और हम दोनों भी अब सेक्स के लिए बहुत ज्यादा उतावले होने लगे थे, क्योंकि हमारा जवान खून अब जोश में आकर बहुत गरम हो चुका था। फिर एक दिन हमने मिलने के बाद बैठकर बात करके कहीं किसी का रूम लेकर सेक्स का प्लान बनाया और फिर उसके अगले ही दिन मैंने एक रूम बुक किया और उसे फोन करके वहां पर बुला लिया। अब वहां पर हमारे अलावा कोई नहीं था, जो हमें किसी भी तरह से परेशान करता या हमारे काम के कोई भी रुकावट डालता। वहां पर बस हम दोनों बिल्कुल अकेले थे और आज आलिया भी बहुत मस्त तैयार होकर आई थी और फिर वो मुझसे कहने लगी कि मेरे लिए सर्प्राइज़ है वाह मज़ा आ गया उसके एकदम मस्त लाल होंट आँखो में वो मस्त नशा था। उसके वो लंबे खुले काले बाल उफ़फ्फ़ वो आते ही मुझसे कहने लगी कि अंशु मेरी जींस को तुम मेरी कमर से जब हटाओ तो अपने मुहं से हटाना। फिर मैंने भी बस अब सबसे पहले उसकी जींस को ही निकाली और देखकर एकदम चकित रह गया, क्योंकि उसने अपनी कमर पर मेरे नाम का टेटू बनवा रखा था। लोग बस मुझे प्यार से अंशु कहते है, लकिन मेरा असली नाम तो विजय था और में भी अपना नाम उसकी पतली गोरी सुंदर कमर पर देखकर तुरंत समझ गया कि यह लड़की मुझसे बहुत प्यार करती है और सच पूछो तो मुझे उस समय आलिया की इस हरकत पर एक बार गुस्सा भी आया और बहुत प्यार भी। अब मैंने उसकी कमर को चूमकर जींस को उसे वापस पहना दिया और हम फिर से बैठकर बातें करने लगे। फिर तब में उससे पूछा रहा था कि क्यों आज मेरी दुल्हनिया तैयार है? वो मेरी बात को सुनकर शरमाने लगी और दोस्तों सच पूछो तो में उसकी इसी अदा पर फिदा हो गया, क्योंकि मुझे उस समय सेक्स बहुत ज्यादा चढ़ा हुआ था, क्योंकि मैंने इतने दिन इंतज़ार जो किया था। बस अब मेरा मन था कि में अपने लंड को उसकी चूत में डालकर उसे चोद दूँ और अच्छी तरह से रगड़ ही दूँ उधर वो भी बहुत तड़प रही थी और में बातों ही बातों में उसके बूब्स को मसलने लगा। मैंने तुरंत उसके टॉप को उतारकर फेंक दिया और उसकी ब्रा के ऊपर से ही ज़ोर ज़ोर से बूब्स को दबाने लगा और उसकी निप्पल को नोचने लगा, जिसकी वजह से आलिया बहुत गरम हो रही थी और उसके मुहं से सिसकियाँ फूटने लगी थी। अब में बहुत ही ज्यादा उतावला होने लगा था मैंने उसकी जींस को एक ज़ोर का झटका देकर निकाल फेंका और उसके साथ में पेंटी को भी उतार दिया और अब मैंने अपने खड़े लंड को एक ज़ोर का झटका देकर उसकी चूत में डाल दिया। अभी मेरा आधा लंड ही चूत में गया था कि आलिया के मुहं से चीखने की आवाज निकलने लगी।

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फिर में उसके बूब्स को दबाकर सहलाकर उसे चुप करवा रहा था और इसी के साथ मैंने दूसरा झटका मार दिया और अब मेरा पूरा लंड चूत में चला गया और लंड पर खून की कुछ बूंदे उफफफफ्फ़ गरम गरम वाह मज़ा आ गया मेरा भी लंड उसकी पहली चुदाई और चूत का छोटा छेद होने की वजह से रगड़ खाकर थोड़ा सा छिल गया, जिसकी वजह से मुझे भी हल्का सा दर्द हुआ। अब आलिया को ज्यादा दर्द हुआ, लेकिन फिर भी में अपनी तरफ से लगातार धक्के देकर चोदता रहा और तेज़ी से अपने लंड को चूत के अंदर डालता और निकालता रहा। अब आलिया उफफफ्फ़ आह्ह्ह्ह माँ मर गई करने लगी और मज़े लेने लगी। फिर कुछ देर बाद वो अपनी गांड को उठा उठाकर मेरा साथ देने लगी और अब आलिया रंडी की तरह आह्ह्ह्हह्ह उऊह्ह्हहह कर करके मज़े ले रही थी। मैंने कुछ देर धक्के देने के बाद उसको कुतिया बना दिया और उसकी गांड को ऊपर की तरफ उठा दिया। उसके बाद में अपने लंड को उसकी गांड पर रगड़ने लगा और उसकी गांड बड़ी मस्त थी। अब आलिया भी मुझसे बोली कि हाँ विजय उफ्फ्फ्फ़ आईईईई डाल दो गांड में तुम अपना लंड। दोस्तों फिर क्या था? मैंने उसकी गांड के छेद पर उंगली से सहलाना शुरू कर दिया और चूत को अंगूठे से सहलाने लगा। उसके बाद मैंने गांड पर लंड को रगड़ना चालू कर दिया और गांड पर लंड का ज़ोर लगाने लगा, लेकिन मैंने महसूस किया कि उसकी गांड बहुत टाइट थी। फिर उसके बाद में अपने दोनों हाथों से गांड को फैलाकर लंड को अंदर डालने लगा। उफफ़फ्ड मुझे ऐसा लग रहा था कि लंड को किसी तंग गली में जबरदस्ती डाल दिया गया हो उफ़फ्फ़ मुझे बहुत बहुत दर्द हो रहा था। अभी तक तो मेरे लंड का टोपा ही उसकी गांड के अंदर गया था और उसकी वजह से अब आलिया चीखने लगी फिर आलिया की पतली कमर को मैंने कसकर पकड़ लिया आआहह और में उसके ऊपर पूरा सवार हो गया और गांड को पूरी चौड़ी करके लंड को फुक्ककककक से एक जोरदार धक्का देकर मैंने अब पूरा अंदर डाल दिया जिसकी वजह से आलिया चीखने लगी, लेकिन में फिर भी अपने काम में लगा रहा और मैंने धक्के लगाने लगातार जारी रखे उउफ़फ्फ़ में उसकी जड़ तक लंड को पूरा अंदर डालता रहा और फिर से खींचकर लंड को बाहर निकाल लेता। तो कुछ देर बाद अब मैंने आलिया को सीधा लेटा दिया में उसके पास में लेट गया और उसके करीब आते हुए बूब्स पर हाथ फेरने लगा उफफफफ्फ़ वाह मज़ा आ गया। में अब बूब्स की उस गोलाई पर अपनी उँगलियों को गोल गोल घुमाने लगा जिसकी वजह से आलिया आआहहहह उफ्फ्फफ्फ्फ़ करने लगी। में निप्पल को भी अपनी जीभ से छू रहा था वाह क्या पल था वो उसका एक गोला मेरे हाथ में और दूसरा मुहं में। अब में निप्पल पर ज़ोर से जीभ चलाने लगा और दूसरे हाथ से दूसरे बूब्स को मसलने लगा बूब्स पर अपना मुहं लगाकर मैंने उसका पूरा बूब्स अपने मुहं में भर लिया और चूसने लगा आलिया तो जैसे सिहर गई और आहह्ह्ह ऊईईईइ माँ मर गई की आवाज़ के साथ वो झड़ गई। दोस्तों मैंने रुके रहने के लिये सेक्स की गोली खा रही थी, इसलिए में तो अब तक नहीं झड़ा था, बस मुझे उसकी चुदाई और बूब्स ही दिख रहे थे। अब उसके दूसरे बूब्स की बारी थी और में अब दूसरे बूब्स पर मुहं लगाकर चूसने लगा और धीरे धीरे हाथ उसके पेट पर चलाने लगे। उसके पेट पर नाख़ून से हल्के हल्के नोचने लगा और वो कसमसाने लगी। अब उसके पेट पर चूमने लगा और चूत की तरफ आकर मैंने आहह सीधे अमृतकलश पर अपना मुहं रखकर हिला हिलाकर चूसना चालू किया अब आलिया एक बार फिर से झड़ने को तैयार थी। फिर मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ को अंदर डाल डालकर चाटना चूसना शुरू कर दिया उउफ़फ्फ़ वाह क्या मजेदार चूत थी उसकी आआहह।

अब मैंने उसके दोनों बूब्स को पकड़े और उन्हे आपस में मिला दिया और लंड को दोनों बूब्स के बीच में रखकर ज़ोर के झटके दे देकर लंड को अब मैंने उनके अंदर डालना शुरू कर दिया। मेरे हर एक धक्के के साथ वो हिल जाती आहहह उउउफफफ्फ़ वाह क्या लम्हा था। उसके बूब्स से लंड होता हुआ उसकी गर्दन तक चला जाता में तो एकदम पागल ही हो गया था। अब उसकी बारी थी और उसने लंड को बूब्स से बाहर निकाला और मुझे धक्का देकर लेटा दिया और फिर लंड को अपने हाथों में ज़ोर से पकड़ लिया। आलिया अब मेरे लंड को मसल रही थी और  उसके टोपे को सहला रही थी। मैंने उससे लंड को किस करने के लिए बोला और आलिया बोली कि विजय में इस बाबूराव को तो पूरा खा जाउंगी और उसने लंड पर किस करना शुरू कर दिया। अब वो एकदम रंडियो की तरह मेरे लंड के टोपे पर अपनी जीभ से सहला रही थी और लंड को नीचे तक चाट रही थी। उसने अब एक हाथ से लंड और दूसरे में गोलियों को पकड़ लिया और अपनी हथेली में लेकर हल्के हल्के हिलाने लगी, जैसे वो उनके साथ खेल रही हो उसे मज़ा आ रहा हो। फिर उसके बाद लंड को मुहं के अंदर लेकर पूरा अंदर भरकर ज़ोर ज़ोर से चूस रही थी और दूसरे हाथ से गोलियों को मसल रही थी। मैंने उसके सर को पकड़ लिया और एक ज़ोर का झटका देकर लंड को उसके पूरे हलक तक उतार दिया, जिसकी वजह से उसकी सांसे अटक गई और आँखों से आंसू बहने लगे और वो आअहह गू गू करने लगी, लेकिन मुझे वाह क्या मज़ा आ रहा था? मैंने अब अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और में उसके मुहं को चोद रहा था। कभी लंड को पूरा अंदर तो कभी बाहर कभी जल्दी जल्दी तो कभी धीरे धीरे धक्के मारने लगा था और वो लंड का मज़ा लेते हुए मेरे आंड को मसल रही थी। उसने जोश में आकर लंड पर अपने दाँत भी लगा दिए थे उूउउफ़फ्फ़ मेरी तो एकदम जान ही निकल गई। फिर मैंने उसके मुहं से लंड को तुरंत बाहर निकाल दिया। उसने लंड को ऊपर उठाया और आंड पर अपना मुहं लगा दिया वो एक एक करके दोनों गोलियां चूसने लगी और एक गोली को मुहं में भरती और ज़ोर ज़ोर से चूसती, जिससे में बहुत जोश में आ गया और मुझे अब बर्दास्त नहीं हुआ। मैंने उसे लेटा दिया और लंड को उसकी चूत के मुहं पर सेट करके एक जोरदार धक्का देकर पूरा लंड चूत के अंदर ठूंस दिया और अब में धक्के पे धक्के लगाने लगा, वो मेरे कुछ धक्के लगाने के बाद ही आहह उफ्फ्फफ्फ्फ़ माँ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो कहने लगी। फिर में उसके कहने पर अब धीरे धीरे धक्के देकर चोदने लगा, लेकिन कुछ देर बाद मैंने अपने धक्को को स्पीड को दोबारा बढ़ा दिया अब में लगातार ताबड़तोड़ धक्के देने लगा था और कुछ देर धक्के देने के बाद मैंने अपने लंड को चूत से बाहर निकालकर उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखा लिया और दोबारा लंड को खुली चूत के मुहं पर रखकर एक ज़ोर का धक्का देकर लंड को उसकी जड़ तक जबरदस्ती ठूंस दिया। मेरे अचानक से हुए इस प्रहार की वजह से वो दर्द की वजह से तिलमिला उठी और मैंने इस तरह कई बार किया। फिर कुछ देर बाद उसको इसकी आदत पड़ गई, लेकिन में अब झड़ने ही वाला था, क्योंकि मुझे धक्के देते हुए बहुत देर हो चुकी थी, तो इसलिए मैंने अपने धक्को की स्पीड को और ज्यादा बढ़ा दिया जिसकी वजह से उसके बूब्स अब हवा में हिल रहे थे और बहुत आकर्षक दिख रहे थे। मैंने एक बूब्स को पकड़ा और उसके निप्पल पर ज़ोर से चुटकी काट ली, वो दर्द की वजह से चिल्ला पड़ी। फिर में अब बूब्स को सहलाते हुए धक्के देने लगा और मेरे हर एक धक्के पर उसका पूरा शरीर हिलने लगा और कुछ देर हल्के हल्के धक्के देने के बाद में झड़ गया और मैंने अपना वीर्य उसकी चूत की गहराइयों में डाल दिया जिसको पाकर वो चेहरे से बहुत संतुष्ट नजर आ रही थी। उसको आज पहली बार उस अनोखे सुख की प्राप्ति हुई थी और वो बहुत खुश संतुष्ट नजर आने लगी, जिसको देखकर में भी बहुत खुश था।

दोस्तों यह थी मेरी चुदाई और मेरा सेक्स अनुभव मेरी बहुत सुंदर सेक्सी दोस्त के साथ जिसका हम दोनों ने बहुत मज़ा लिया। इस अनुभव से हम दोनों के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी और हम दोनों एक दूसरे से बहुत देर तक लिपटे पड़े रहे और एक दूसरे को चूमते रहे ।।

धन्यवाद …

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